Sunday, October 4, 2009

शरद पूर्णिमा का चाँद !




कल रात चाँद पूरी तरह दहक रहा था. और दहकता भी क्यों नहीं, आखिर शरद पूर्णिमा का चाँद था. वो भी भला हो बिजली विभाग का जिस ने एक डेढ़ घंटा बिजली गुल कर पूर्णिमा की चांदनी का आनंद दिलवा दिया. बीच बीच में छोटे मोटे बादल भी चंद्रमा के साथ आँख मचोली खेलते रहे पर 'शशि जी' अपनी आभा से हमें सराबोर करते ही रहे. इतना ही नहीं मुझे अपनी छवि सहेजने की भी अनुमति प्रदान की.



आधी रात को कौमुदी में नहाई खीर खाई तो देखा चाँद ने अपना रंग उस खीर में उतार दिया था.




6 comments:

समयचक्र - महेंद्र मिश्र said...

बहुत बढ़िया चाँद की फोटो लगाईं है आपने. कल जबलपुर में शरद पूर्णिमा के दिन नर्मदा उत्सव होता है . चाँद की दूधिया लाईट में चमकती संगमरमर की चट्टानों के बीच यह कार्यक्रम बहुत मनमोहक होता है पर कल बारिश के चलते और आसमान में बादल होने के कारण पूर्णिमा का चाँद अच्छी तरह से नहीं दिख सका .

ज्ञानदत्त पाण्डेय| Gyandutt Pandey said...

आपका चित्र तो बहुत सुन्दर है। मैने तो गंगा किनारे चित्र ले कर ट्विटर पर डाला था। पर वह धुंधला था!

पारूल said...

बड़ा सुंदर चाँद …

राज भाटिय़ा said...

अरे हमारे यहां तो आज दिख रहा है पुरा चांद, बहुत सुंदर, लेकिन मेने चित्र नही लिया.
धन्यवाद

नीरज गोस्वामी said...

Superb....

Neeraj

Praney ! said...

Sabhi Mitron ka hardik dhanyawad !